भारत   में  स्टार्टअप रेजिस्ट्रशन कराने की प्रिक्रिया निम्न है (How to Get Startup Recognition in India)

१. स्टार्टअप इंडिया की वेबसाइट पर जाएँ और नया यूजर बनायें

२.  स्टार्टअप सन्दर्भ में निम्लिखित जानकारी प्रेषित करे

  1. Name of the Startup – …………………………………
  2. Date of incorporation/ registration of Startup – …………………………………
  3. Incorporation No./ registration No. …………………………………
  4. Address and business location- …………………………………
  5. Nature of business …………………………………
  6. Contact details of Startup (Phone No. and Email)- …………………………………
  7. Permanent Account No. …………………………………
  8. Existing/ proposed activities – …………………………………

upload copy of Memorandum of Association, LLP/partnership Deed, Board Resolution etc.

स्टार्टअप मान्यता हेतु पात्रता मानदंड:

  1. स्टार्टअप को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में संस्थापित होना चाहिए या पार्टनरशिप फर्म या लिमिटेड लायबिलिटी के रूप में रजिस्टर्ड होना चाहिए ​
  2. पिछले किसी भी वित्तीय वर्ष में रु. 100 करोड़ से कम का कारोबार होना चाहिए
  3. किसी भी संस्था के निगमन की तिथि से अगले 10 वर्षों तक उसे स्टार्ट-अप माना जाएगा
  4. स्टार्टअप को मौजूदा प्रोडक्ट, सर्विसेज़ और प्रोसेस के इनोवेशन/सुधार की दिशा में काम करना चाहिए और रोजगार/धन उत्पन्न करने की क्षमता होनी चाहिए. एक मौजूदा संस्था के विभाजन या पहले से ही निर्मित व्यवसाय के पुनर्निर्माण को “स्टार्ट-अप” नहीं कहा जा सकता है

अधिक जानकारी के लिए, कृपया नोटिफिकेशन देखें

https://www.startupindia.gov.in/content/dam/invest-india/Templates/public/198117.pdf

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झाँसी के स्टार्टअप्स का सम्मान 

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र द्वारा आयोजित उद्यम समागम 2019 के समापन समारोह में जिला उद्योग केंद्र द्वारा झाँसी के 16 स्टार्टअप  2 स्टार्टअप मेंटर्स व बौद्धिक सम्पदा सुविधाप्रदाता को सम्मान दिया गया| 

बौद्धिक सम्पदा विशेषज्ञ एवं झाँसी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप मीटअप ग्रुप के संयोजक एवं संरक्षक ने बौद्धिक सम्पदा एवं व्यापार पर व्याख्यान प्रस्तुत किया एवं उन्होंने बताया की  बौद्धिक सम्पदा का व्यापार में बहुत महत्व है, अगर स्मार्ट व्यापार करना है, तो बौद्धिक सम्पदा का पंजीकरण एवं उसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है| आज के वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में पेटेंट, कॉपीराइट और व्यापार चिन्ह के बिना व्यापार संभव नहीं है| समारोह में  यह जानकारी दी गयी कि भारत सरकार ने नवाचार, उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए MSME एवं स्टार्टअप के व्यापारियों व महिला उद्यमी के लिए बौद्धिक सम्पदा अधिकार जैसे पेटेंट और डिज़ाइन के आवेदनों को फाइल करने के लिए दी जाने वाली फ़ीस को काफी मात्रा में कम किया गया है| अभी तक एकल व्यापारी, समूह व्यापारी गण को अलग स्तर के बौद्धिक सम्पदा अधिकार के आवेदन भरने पर अलग अलग फ़ीस देनी होती थी| प्रस्ताव के अनुसार, पेटेंट आवेदनों को दाखिल करने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स व महिला उद्यमी के लिए फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 4,000 / 4,400 रुपये से घटकर 1,600 / 1,750 रुपये हो गयी है| पेटेंट के लिए रिक्वेस्ट फॉर एग्जामिनेशन फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 10,000 / 11,000 से घटकर 4,000 / 4,400 रुपये हो गयी है|

पेटेंट के शीघ्र परीक्षा (EXPEDITED EXAMINATION ) आवेदन के लिए, फ़ीस लगभग 68% की कमी के साथ 25,000 रुपये से घटकर 8,000 रुपये हो गयी है| इसी तरह, पेटेंट के नवीनीकरण के लिए, जो फ़ीस 2000 से 20000 के बीच लगती थी वो केवल 800 से 8000 के बीच ही रह गयी है|। डिज़ायन के लिए आवेदन शुल्क में लगभग 50% की कमी करते हुए एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए फ़ीस 2000 रुपये से घटाकर 1,000 रुपये कर दी गयी है।

इसके साथ ही लगभग 100% की कमी करते हुए भौगोलिक संकेत (जी आई) के लिए, आवेदन पत्र भरने, प्रमाण-पत्र जारी करने एवं नवीकरण के लिए वर्तमान आवेदन शुल्क क्रमश 500 रुपये, 100 रुपये और 1,000 रुपये था जो अब प्रस्ताव के बाद 100% कमी के साथ शून्य कर दिया गया है।

बुंदेलखंड की विशेषताएं जैसे- रानीपुर टेरीकॉट, कोछाभाँवर के मिटटी के वर्तन, एवं यहाँ की मूंगफली अदरक इत्यादि का GI पंजीकरण किया जा सकता है| समापन समारोह में झाँसी के स्टार्टअप कुमारी अदिति राकेश, श्री अमित शर्मा (सांता ग्रीन वेजिटेबल), श्री सचिन शर्मा (नीलाक्ष सॉफ्ट), श्री अनुराग पटेरिया (सीस्कोर), श्री शिवम् लिखधारी (वसुधा अमृत LLP), श्री मोहित अग्रवाल (ट्रू वैल्यू कांसेप्ट), श्री अर्पित पुरोहित (तात्या मिल्क), श्री प्रांजय गुप्ता (ECO ट्री), श्रीमति नमिता अग्रवाल (राम नाथ एंड संस), स्टार्टअप फेसिलेटर एवं मेंटर इंजीनियर श्री राकेश अग्रवाल, अधिवक्ता देवेश अग्रवाल, कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त उद्योग श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव एवं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका श्रोताओ में उपस्तिथ वरिष्टतम उधमी श्रीमती लक्ष्मी देवी (proprietor लक्ष्मी ट्रेडर्स)  द्वारा निभायी गयी|

भारत सरकार का बड़ा फैसला अब MSME एवं स्टार्टअप के व्यापारियों के लिए पेटेंट और डिज़ाइन के आवेदनों को फाइल करने की फ़ीस में कमी

भारत सरकार ने नवाचार, उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए MSME एवं स्टार्टअप के व्यापारियों के लिए बौद्धिक सम्पदा अधिकार जैसे पेटेंट और डिज़ाइन के आवेदनों को फाइल करने के लिए दी जाने वाली फ़ीस को काफी मात्रा में कम करने का प्रस्ताव रखा है| अभी तक एकल व्यापारी, समूह व्यापारी गण को अलग स्तर के बौद्धिक सम्पदा अधिकार के आवेदन भरने पर अलग अलग फ़ीस देनी होती थी| 

प्रस्ताव के अनुसार, पेटेंट आवेदनों को दाखिल करने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 4,000 / 4,400 रुपये से घटकर 1,600 / 1,750 रुपये हो जाएगी।

पेटेंट के लिए रिक्वेस्ट फॉर एग्जामिनेशन फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 10,000 / 11,000 से घटकर 4,000 / 4,400 रुपये हो जायेगी|

पेटेंट के शीघ्र परीक्षा (EXPEDITED EXAMINATION ) आवेदन के लिए, फ़ीस लगभग 68% की कमी के साथ 25,000 रुपये से घटकर 8,000 रुपये हो जाएगा। इसी तरह, पेटेंट के नवीनीकरण के लिए, जो फ़ीस 2000 से 20000 के बीच लगती थी वो केवल 800 से 8000 के बीच ही रह जाएगी।

मंत्रालय ने कहा कि डिज़ायन के लिए आवेदन शुल्क में लगभग 50% की कमी करते हुए एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए फ़ीस 2000 रुपये से घटाकर 1,000 रुपये कर दी जाएगी।

इसके साथ ही लगभग 100% की कमी करते हुए भौगोलिक संकेत (जी आई) के लिए, आवेदन पत्र भरने, प्रमाण-पत्र जारी करने एवं नवीकरण के लिए वर्तमान आवेदन शुल्क क्रमश 500 रुपये, 100 रुपये और 1,000 रुपये था जो अब प्रस्ताव के बाद 100% कमी के साथ शून्य कर दिया जायेगा।

2016 में सरकार द्वारा अपनाई गई राष्ट्रीय आईपीआर नीति ने देश में आईपीआर शासन को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त किया। पिछले 5 वर्षों में लिए गए ठोस कदमों से आईपी फाइलिंग में वृद्धि देखी गयी है 

2013-2014 से 2018-2019 के बीच में लगभग 18 प्रतिशत पेटेंट्स में और 69 प्रतिशत व्यापार चिन्ह के आवेदनों में इज़ाफा हुआ है|

पेटेंट के लिए घरेलू आवेदन संख्या 2013-14 में 22% से बढ़कर 2018-19 में लगभग  34% हो गई है। सरकार द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, R & D संस्थानों और उद्योग समूहों में बौद्धिक  सम्पदा के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

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Design Information

We provide access to an exhaustive database of Design, wherein, our clients can search through the entire list of design which are registered with the Indian Patent Office. Since, identification of design, by the consumers, takes years of consistent service; it is important for the company applying for design registration to search through the database, in order to avoid confusion in the minds of the consumers. It also helps in avoiding the eruption of legal battles

Trademark Information

A trademark identifies the brand owner of a particular product or service. It also distinguish the goods of services of one enterprise from the other enterprises. Trademarks are protected by intellectual property rights.
The owner of a trademark may pursue legal action against trademark infringement. Most countries require formal registration of a trademark as a precondition for pursuing this type of action. The United States, Canada and other countries also recognize common law trademark rights, which means action can be taken to protect an unregistered trademark if it is in use. Still, common law trademarks offer the holder, in general, less legal protection than registered trademarks

Patent Information

The present time and age has seen a drastic increase in the number of innovations being done in all fields of technology. This considerable upward trend highlights the need for protecting the innovations. Patents provide exclusive rights to the inventor, especially in case of public disclosure of the invention. They protect the rights of the person(s) behind the invention and serve as a source of economical incentive, thereby, considering the disclosure of certain scientific information, relevant to the invention, by the inventor to the public. By doing this, the inventor gets all the credit for bringing out the new product, process or even an idea. Any new invention, which is unique in its own way, qualifies to be patented.
We, at Siddhast, provide access to one of the most comprehensive Patent Database available. Our database comprises records compiled from all industries, big or small. Our exhaustive database and the tools we offer have been optimized to suit the specific requirements of our clients. Known to be one of the most powerful search databases, it has been structured to be industry specific and allows multiple operations to be done simultaneously for the convenience of the clients. A complete graphical analysis, along with a dynamic search process enables our users to efficiently search through the database, without wasting much time on linear searches. Because of these features, we have become one of the most preferred organizations providing effective Patent Search Database Services.