Decoding Allergan-Mohawk Deal in Hindi.

पेटेंट कानून का विचित्र कोण ? Decoding Allergan-Mohawk Deal in Hindi.

आईपीआर अर्थात inter partes review की मार  से अमेरिकी पेटेंटों को प्रतिरक्षित करने में मदद करने का एक अनोखा तरीका हाल ही में उभर कर आया है – ” संप्रभु प्रतिरक्षा द्वारा बचाव ” जिसे अंग्रेजी में “Sovereign Immunity Defense” कहते हैं ।

अमेरिका में सन २०१३  में  अमेरिका अविष्कार अधिनियम यानि America Invents Act लागु किया गया था , जब  से  पेटेंट  को  अमान्य  करने  का  एक  लोकप्रिय  तरीका  इंटर  पार्ट्स  रिव्यू  (आईपीआर) की  कार्यवाही  में  चुनौती  देना  बन  चुका   है । IPR  कार्यवाही एक यूएसपीटीओ (USPTO) (फेडरल) पेटेंट ट्रायल और अपील बोर्ड (PTAB) की कार्यवाही है जहां  पेटेंट को चुनौती  देने  वाला पेटेंट की मौलिकता को लेकर सवाल उठा सकता है |

संप्रभु प्रतिरक्षा का कानून अमेरिकी संविधान के ग्यारहवें संशोधन में जोड़ा गया था जिसके अनुसार अमेरिकी संयुक्त राज्य की न्यायिक शक्ति का दुरउपयोग किसी दुसरे राज्य का नागरिक अमेरिका के किसी राज्य को चुनौती देने के लिए नहीं कर सकता |

पृष्ठभूमि :  मैरीलैंड  विश्वविध्यालय  (UMD)  के  स्वामित्व में कार्डियक  वाल्वों  की  मरम्मत  की  एक विधि  को  लेकर  पेटेंट  (Patent No. US7635386) था  । मई 2017 में, यूएमडी ने सफलतापूर्वक आईपीआर की चुनौती को मात देते हुए यह तर्क दिया कि यूएमडी, मैरीलैंड राज्य का एक हिस्सा है , इसलिए 11वे  संशोधन (संप्रभु प्रतिरक्षा) के तहत पीटीएबी और आईपीआर उस पर कोई भी कार्यवाही नहीं कर सकते |

निश्चित  रूप  से  यूएमडी  विभिन्न  न्यायिक मामलो का  उल्लेख कर अपनी दलीले देने में सफल रहा । पीटीएबी  ने  सहमत होते हुए  यूएमडी को दी जाने वाली चुनौतियों को  खारिज  कर  दिया।

Allergan PLC (जो  एक  बहुराष्ट्रीय  फार्मास्युटिकल  कंपनी  है ) ने अपने पेटेंट की रक्षा के लिए  इस अवधारणा को सीमा तक पहुंचाने का फैसला किया । Allergan ने शुष्क आंखों के उपचार में काम आने वाली दवा, रेस्टैसिस (Restasis) के पेटेंट्स को सेंट रेगिंस मोहौक जनजाति (जो न्यूयॉर्क में स्थित अमेरिकी मूल नागरिको की एक जनजाति है ) को स्थानांतरित किया जिसका अग्रीम मूल्य $13.75 मिलियन डॉलर दिया गया और फिर तुरंत पेटेंट लाइसेंस वापिस प्राप्त कर लिया गया । सितंबर 2017 में Allergan ने तर्क दिया कि चूंकि यह जनजाति भी एक संप्रभुत्व सरकार है, इसलिए “जनजाति” के पेटेंट भी अमेरिकी संप्रभु प्रतिरक्षा कानून के अनुसार आईपीआर (IPR) कि चुनौतियों से पूर्ण रूप से संरक्षित हैं |

आज सेंट रिजिस मोहौक जनजाति का मुख्यालय, जो कि कनाडाई सीमा से कुछ मिनट की दूरी पर राजमार्ग की बंजर पट्टी पर स्थित है, साल में सबसे विवादास्पद पेटेंट विवादों में से एक के लिए एक एवं बौद्धिक संपदा में एक बेजान नई रणनीति के लिए परीक्षण का एक संभावित मैदान बन चुका है । शायद ही  कभी पहले  किसी ने  इस  कोण  के  बारे  में  सोचा  हो । Allergan  के इस  समझौते  के  व्यापक  प्रभाव  होंगे  उन कंपनियों के बीच जहां  बौद्धिक  संपदा पर पेटेंट प्राप्त करने की होड़ मची हुई है |  निश्चित  रूप  से  जनजाति  अपने  कैसीनो  व्यवसाय  का  परिपूरक  पाकर  बहुत  खुश  है |

संप्रभुता  के  संदर्भ  में, जनजातियों  की  कानूनी  स्थिति जो  “घरेलू आश्रित राष्ट्रों”  की है , बहुत ही जटिल प्रतीत होती है | क्या Allergan ने “पेटेंट लॉन्डरिंग” का एक नया रूप खोज निकाला है? या पेटेंट कानून ने सिर्फ एक विचित्र मोड़ लिया है ?

लेखक : श्री अर्पित अग्रवाल Siddhast IP Innovation में कार्रयत हैं और बौद्धिक सम्पदा के अधिकार के विषय पर शोध एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं | श्री अग्रवाल कि रुचि का विषय नए पेटेंट कानून एवं अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पेटेंट कानूनों का सद-उपयोग एवं दुर-उपयोग है |

अस्वीकरण : इस  लेख  में  व्यक्त  विचार  और  राय  लेखक  के  हैं  और  यह कंपनी की आधिकारिक  नीति  या  स्थिति  को  नहीं दर्शाते  हैं । इस  लेख  में  किए  गए  विश्लेषण  केवल   उदाहरण   हैं |

 

Search, Judge, Court, Advocate, Legal

Yesterday prime minister of  India , Shri Narendra modi ji, while giving his address to a function in Allahabd high court put forward the road map of new judiciary, a new legal system. His emphasis on use of search engine in legal , judiciary is great.  below are his words in his own words.

…. भारत की न्‍याय व्‍यवस्‍था को आधुनिक टेक्‍नोलॉजी ICT से Information Communication Technology से कितना मजबूत बनाया जाए कितना सरल बनाया जाए और पहले कोई जमाना था जो आज judges के रूप में बैठे हैं वे जब वकालत करते होंगे उन्‍होंने एक एक केस की बारीकियों को लेकर के घंटों तक किताबों को उलटना पड़ता था।

आज के वकील को वो मेहनत नहीं करनी पड़ती वो Google guru को पूछ लेता है Google guru  तुरंत बता देता है कि 1989 में ये केस था, ये मैटर था ये जज थे इतनी सरलता आई है टेक्‍नोलॉजी से पूरे वकील बिरादरी के पास इतनी बड़ी ताकत आई है कि क्‍वालिटी ऑफ बहस अत्‍याधुनिक Information के साथ तर्क ये हमारा वार अपने आपको टेक्‍नोलॉजी की मदद से सत्‍य करता है और जब कोर्ट के अंदर क्‍वालिटी के अंदर ये change आएगा sharpness आएगी date लेने के लिए sharpness की जरूरत नहीं होगी लेकिन मसले सुलझाने के लिए sharpness की जरूरत होगी और मुझे विश्‍वास है कि judges के सामने sharpness के साथ बहस होगी तो उनको दूध का दूध, पानी का पानी कर करके उसमें से सत्‍य खोजने में देर नहीं लगेगी हमारी न्‍यायप्रक्रिया को गति अपने आप आना शुरू होगा हम हर तर्क पर टेक्‍नोलॉजी का उपयोग कैसे करें आज हम डेट जब देते हैं आएंगे, दो मिनट लेंगे बात करेंगे अच्‍छा फलानी तारीख, इतनी तारीख, ये सारी मोबाइल फोन पर एसएमएस डेट देने की परंपरा कब शुरू होगी।

आज एक अफसर कहीं नौकरी करता है। उसके जमाने के एक केस हुआ है उसकी ट्रांसफर हो गई है लेकिन अगर उसके जमाने का केस निकलता है तो उसको नौकरी छोड़कर के अपना इलाका छोड़ कर के कोर्ट में जाकर करके क्‍यों न हम उन्‍हें वीडियो कांफ्रेंसिंग से ऐसे लोगों के लिए सुविधा खड़ी करें । कम समय में जो चीज पूछनी है पूछ ली जाए ताकि उन अफसरों का समय भी शासन के काम में लग सके। ये सारी चीजें जेल से कैदियों को अदालत में लाना, सुरक्षा में इतनी खर्चा और उस मार्ग में क्‍या क्‍या नहीं होता है ये सभी जानते हैं।

अब योगी जी आएं हैं तो शायद अब यह बंद हो, अगर वीडियो कांफ्रेंस में जेल और कोर्ट को हम कनेक्‍ट कर दें तो कितना खर्चा बच सकता है, कितना समय बच सकता है, कितनी सरलता हम पैदा कर सकते हैं। भारत सरकार का प्रयास है कि हमारी न्‍याय व्‍यवस्‍था को आधुनिक आई सी टी टेक्‍नोलॉजी का पूरा लाभ मिले। उसको priority प्रायोरिटी मिले। मैं देश के स्‍टार्ट अप वाले नौजवानों से भी कहूंगा कि भावी देश की न्‍याय प्रक्रिया के लिए अपने स्‍टार्ट अप में नये नये innovation करें। वे भी टेक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से जुडिशियरी को ताकत दे सकते हैं। अगर जुडिशियरी के हाथ में उस प्रकार के नये innovation आ जाएं। मझे विश्‍वास है कि जुडिशियरी के लोग इसका उपयोग कर कर के गति लाने में बहुत बड़ी मदद कर सकते हैं। वह एक चहुं दिशा में अगर हम प्रयास करेंगे तो हम एक–दूसरे के पूरक बनेंगे। इच्छित परिणाम लेकर रहेंगे।….

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