Registration Adhiniyam 1908
Suchna ka Adhikaar Adhiniyam 2005 (Right to Information 2005)
Transfer of Property Act 1882
Hindu Vivah Adhiniyam 1955
भारत में स्टार्टअप रेजिस्ट्रशन कराने की प्रिक्रिया निम्न है (How to Get Startup Recognition in India)
१. स्टार्टअप इंडिया की वेबसाइट पर जाएँ और नया यूजर बनायें
२. स्टार्टअप सन्दर्भ में निम्लिखित जानकारी प्रेषित करे
- Name of the Startup – …………………………………
- Date of incorporation/ registration of Startup – …………………………………
- Incorporation No./ registration No. …………………………………
- Address and business location- …………………………………
- Nature of business …………………………………
- Contact details of Startup (Phone No. and Email)- …………………………………
- Permanent Account No. …………………………………
- Existing/ proposed activities – …………………………………
upload copy of Memorandum of Association, LLP/partnership Deed, Board Resolution etc.
स्टार्टअप मान्यता हेतु पात्रता मानदंड:
- स्टार्टअप को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में संस्थापित होना चाहिए या पार्टनरशिप फर्म या लिमिटेड लायबिलिटी के रूप में रजिस्टर्ड होना चाहिए
- पिछले किसी भी वित्तीय वर्ष में रु. 100 करोड़ से कम का कारोबार होना चाहिए
- किसी भी संस्था के निगमन की तिथि से अगले 10 वर्षों तक उसे स्टार्ट-अप माना जाएगा
- स्टार्टअप को मौजूदा प्रोडक्ट, सर्विसेज़ और प्रोसेस के इनोवेशन/सुधार की दिशा में काम करना चाहिए और रोजगार/धन उत्पन्न करने की क्षमता होनी चाहिए. एक मौजूदा संस्था के विभाजन या पहले से ही निर्मित व्यवसाय के पुनर्निर्माण को “स्टार्ट-अप” नहीं कहा जा सकता है
अधिक जानकारी के लिए, कृपया नोटिफिकेशन देखें
https://www.startupindia.gov.in/content/dam/invest-india/Templates/public/198117.pdf
झाँसी के स्टार्टअप्स का सम्मान
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र द्वारा आयोजित उद्यम समागम 2019 के समापन समारोह में जिला उद्योग केंद्र द्वारा झाँसी के 16 स्टार्टअप 2 स्टार्टअप मेंटर्स व बौद्धिक सम्पदा सुविधाप्रदाता को सम्मान दिया गया|
बौद्धिक सम्पदा विशेषज्ञ एवं झाँसी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप मीटअप ग्रुप के संयोजक एवं संरक्षक ने बौद्धिक सम्पदा एवं व्यापार पर व्याख्यान प्रस्तुत किया एवं उन्होंने बताया की बौद्धिक सम्पदा का व्यापार में बहुत महत्व है, अगर स्मार्ट व्यापार करना है, तो बौद्धिक सम्पदा का पंजीकरण एवं उसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है| आज के वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में पेटेंट, कॉपीराइट और व्यापार चिन्ह के बिना व्यापार संभव नहीं है| समारोह में यह जानकारी दी गयी कि भारत सरकार ने नवाचार, उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए MSME एवं स्टार्टअप के व्यापारियों व महिला उद्यमी के लिए बौद्धिक सम्पदा अधिकार जैसे पेटेंट और डिज़ाइन के आवेदनों को फाइल करने के लिए दी जाने वाली फ़ीस को काफी मात्रा में कम किया गया है| अभी तक एकल व्यापारी, समूह व्यापारी गण को अलग स्तर के बौद्धिक सम्पदा अधिकार के आवेदन भरने पर अलग अलग फ़ीस देनी होती थी| प्रस्ताव के अनुसार, पेटेंट आवेदनों को दाखिल करने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स व महिला उद्यमी के लिए फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 4,000 / 4,400 रुपये से घटकर 1,600 / 1,750 रुपये हो गयी है| पेटेंट के लिए रिक्वेस्ट फॉर एग्जामिनेशन फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 10,000 / 11,000 से घटकर 4,000 / 4,400 रुपये हो गयी है|
पेटेंट के शीघ्र परीक्षा (EXPEDITED EXAMINATION ) आवेदन के लिए, फ़ीस लगभग 68% की कमी के साथ 25,000 रुपये से घटकर 8,000 रुपये हो गयी है| इसी तरह, पेटेंट के नवीनीकरण के लिए, जो फ़ीस 2000 से 20000 के बीच लगती थी वो केवल 800 से 8000 के बीच ही रह गयी है|। डिज़ायन के लिए आवेदन शुल्क में लगभग 50% की कमी करते हुए एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए फ़ीस 2000 रुपये से घटाकर 1,000 रुपये कर दी गयी है।
इसके साथ ही लगभग 100% की कमी करते हुए भौगोलिक संकेत (जी आई) के लिए, आवेदन पत्र भरने, प्रमाण-पत्र जारी करने एवं नवीकरण के लिए वर्तमान आवेदन शुल्क क्रमश 500 रुपये, 100 रुपये और 1,000 रुपये था जो अब प्रस्ताव के बाद 100% कमी के साथ शून्य कर दिया गया है।
बुंदेलखंड की विशेषताएं जैसे- रानीपुर टेरीकॉट, कोछाभाँवर के मिटटी के वर्तन, एवं यहाँ की मूंगफली अदरक इत्यादि का GI पंजीकरण किया जा सकता है| समापन समारोह में झाँसी के स्टार्टअप कुमारी अदिति राकेश, श्री अमित शर्मा (सांता ग्रीन वेजिटेबल), श्री सचिन शर्मा (नीलाक्ष सॉफ्ट), श्री अनुराग पटेरिया (सीस्कोर), श्री शिवम् लिखधारी (वसुधा अमृत LLP), श्री मोहित अग्रवाल (ट्रू वैल्यू कांसेप्ट), श्री अर्पित पुरोहित (तात्या मिल्क), श्री प्रांजय गुप्ता (ECO ट्री), श्रीमति नमिता अग्रवाल (राम नाथ एंड संस), स्टार्टअप फेसिलेटर एवं मेंटर इंजीनियर श्री राकेश अग्रवाल, अधिवक्ता देवेश अग्रवाल, कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त उद्योग श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव एवं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका श्रोताओ में उपस्तिथ वरिष्टतम उधमी श्रीमती लक्ष्मी देवी (proprietor लक्ष्मी ट्रेडर्स) द्वारा निभायी गयी|
भारत सरकार का बड़ा फैसला अब MSME एवं स्टार्टअप के व्यापारियों के लिए पेटेंट और डिज़ाइन के आवेदनों को फाइल करने की फ़ीस में कमी
भारत सरकार ने नवाचार, उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए MSME एवं स्टार्टअप के व्यापारियों के लिए बौद्धिक सम्पदा अधिकार जैसे पेटेंट और डिज़ाइन के आवेदनों को फाइल करने के लिए दी जाने वाली फ़ीस को काफी मात्रा में कम करने का प्रस्ताव रखा है| अभी तक एकल व्यापारी, समूह व्यापारी गण को अलग स्तर के बौद्धिक सम्पदा अधिकार के आवेदन भरने पर अलग अलग फ़ीस देनी होती थी|
प्रस्ताव के अनुसार, पेटेंट आवेदनों को दाखिल करने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 4,000 / 4,400 रुपये से घटकर 1,600 / 1,750 रुपये हो जाएगी।
पेटेंट के लिए रिक्वेस्ट फॉर एग्जामिनेशन फ़ीस लगभग 60% की कमी के साथ 10,000 / 11,000 से घटकर 4,000 / 4,400 रुपये हो जायेगी|
पेटेंट के शीघ्र परीक्षा (EXPEDITED EXAMINATION ) आवेदन के लिए, फ़ीस लगभग 68% की कमी के साथ 25,000 रुपये से घटकर 8,000 रुपये हो जाएगा। इसी तरह, पेटेंट के नवीनीकरण के लिए, जो फ़ीस 2000 से 20000 के बीच लगती थी वो केवल 800 से 8000 के बीच ही रह जाएगी।
मंत्रालय ने कहा कि डिज़ायन के लिए आवेदन शुल्क में लगभग 50% की कमी करते हुए एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए फ़ीस 2000 रुपये से घटाकर 1,000 रुपये कर दी जाएगी।
इसके साथ ही लगभग 100% की कमी करते हुए भौगोलिक संकेत (जी आई) के लिए, आवेदन पत्र भरने, प्रमाण-पत्र जारी करने एवं नवीकरण के लिए वर्तमान आवेदन शुल्क क्रमश 500 रुपये, 100 रुपये और 1,000 रुपये था जो अब प्रस्ताव के बाद 100% कमी के साथ शून्य कर दिया जायेगा।
2016 में सरकार द्वारा अपनाई गई राष्ट्रीय आईपीआर नीति ने देश में आईपीआर शासन को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त किया। पिछले 5 वर्षों में लिए गए ठोस कदमों से आईपी फाइलिंग में वृद्धि देखी गयी है
2013-2014 से 2018-2019 के बीच में लगभग 18 प्रतिशत पेटेंट्स में और 69 प्रतिशत व्यापार चिन्ह के आवेदनों में इज़ाफा हुआ है|
पेटेंट के लिए घरेलू आवेदन संख्या 2013-14 में 22% से बढ़कर 2018-19 में लगभग 34% हो गई है। सरकार द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, R & D संस्थानों और उद्योग समूहों में बौद्धिक सम्पदा के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
स्मार्ट सिटी का कार्य क्षेत्रीय लोगो को दिया जाये
ज्ञापन
सेवा में
श्री रामतीर्थ सिंघल जी ,
महापौर
नगर निगम
झाँसी
विषय – झाँसी स्मार्ट सिटी परियोजना में MSME कानून एवं GFR २०१७ के अंतर्गत स्टार्टअप व् msme द्वारा टेंडर में छूट का प्रावधान का न होना
महोदय
आपका ध्यान, झाँसी नगर निगम द्वारा निकाली गयी निविदा संख्या 2019_DOLBU_353329_1 पर आकर्षित करना चाहूँगा जिसके अनुसार यह निविदा सिर्फ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए ही है
जहाँ एक ओर केंद्र सरकार सूक्ष्म, लघु उद्योग एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने की बात कर रही है एवं श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 15 अगस्त 2019 के अभिभाषण में कहा गया कि “हम तय करें अपने जीवन में मेरे देश में जो बनता है, मिलता है, वो मेरी प्राथमिकता होगी और हमें तो local product पर बल देना है। जो गांव में बनता है पहले उसके लिये प्राथमिकता होनी चाहिये। वहां नहीं तो तहसील में, तहसील से बाहर जाना पड़े तो, जिले में, जिले के बाहर जाना पड़े तो, राज्य में और मैं नहीं मानता हूं कि उसके बाद अपनी आवश्यकताओं के लिये कहीं जाना पड़ेगा। कितना बड़ा बल मिलेगा? हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कितना बल मिलेगा?, लघु उद्यमियों को कितना बल मिलेगा?, हमारी परंपरागत चीजों को कितना बल मिलेगा?”
लेकिन वही झाँसी नगर निगम के झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा हाल में निकाले गए तक़रीबन 142 करोड़ रुपया मूल्य का सूचना प्रौद्योगिकी का टेंडर इस तरीके से निकला गया जिससे उसमे झाँसी का कोई भी स्टार्टअप एवं लघु उद्योग भाग नहीं ले सकते, आपसे अनुरोध है कि इस टेंडर एवं इस तरह के अन्य टेंडर को छोटे छोटे भागों में बाट कर निविदायें मांगी जाए जिससे की क्षेत्र के सूचना प्रौद्योगिकी के सूक्ष्म लघु उद्योग एवं स्टार्टअप्स को विकास का मौका मिल सके एवं झाँसी में स्टार्टअप हब व् सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का विकास हो सके|
धन्यवाद
रोशन अग्रवाल
संयोजक व संरक्षक झाँसी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप मीटअप ग्रुप
907 चंद्र विहार कॉलोनी झाँसी
7376314900
Startup Bundelkhand
सृजनात्मक संगठन भारत के सौजन्य से प्रौद्योगिकी स्टार्ट अप ग्रुप द्वारा सभा का आयोजन
दिनाँक 24 अगस्त 2019, दिन शनिवार को सृजनात्मक संगठन भारत के सौजन्य से चंद्र विहार कॉलोनी में झाँसी के प्रौद्योगिकी स्टार्ट अप ग्रुप द्वारा सभा का आयोजन साय 04 बजे किया गया, जिसमे रोशन अग्रवाल, देवेश अग्रवाल (अधिवक्ता), समर जीत, विकास सिंह, अंशुल गुप्ता, धीरज यादव, अमित शर्मा, राहुल मिश्रा, अदिति राकेश आदि उपस्तिथ रहे| कार्यक्रम संयोजक रोशन अग्रवाल ने बताया कि बुंदेलखंड स्टार्टअप मीटअप ग्रुप वर्ष 2014 से बुंदेलखंड में कार्य कर रहा है,
- बुंदेलखंड में प्रौद्योगिकी इकाइयों का संगठन बनाना है
- बुंदेलखंड में स्थित प्रौद्योगिकी इकाइयों का आपस में मेल मिलाप को बढ़ाना
- बुंदेलखंड को विश्व मानचित्र में प्रौद्योगिकी इकाइयों का हब (Hub) के रूप में स्थापित करना है|
- प्रौद्योगिकी इकाइयों का वाणिजय मंत्रालय में स्टार्टअप प्रमाणित कराना|
- प्रौद्योगिकी इकाइयों को मेंटर्स से मिलवाना, प्रौद्योगिकी इकाइयों को लोन दिलवाने में मदद करना है|
- बुंदेलखंड की स्टार्ट अप प्रौद्योगिकी इकाइयों को बुंदेलखंड में हो रहे विकास कार्यो के टेंडरो में भाग दिलवाने में मदद करना आदि है|
अधिवक्ता देवेश अग्रवाल ने बताया कि झाँसी में प्रौद्योगिकी के बाजार का विकास रोजगार सृजन एवं प्रतिभा पलायन रोकने के लिए बहुत जरुरी है|
अध्यक्ष तरु नागोरी ने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं औधोगिक मंत्रालय में उत्तर प्रदेश की करीबन 5000 इकाइयां पंजीकृत है, जिसमे 38 इकाइयां झाँसी की, 7 उरई की एवं 2 ललितपुर की शामिल है, व झाँसी से एक मेंटर पंजीकृत है|
स्टार्टअप इकाइयों को मिलने वाले लाभ है –
- इनकम टैक्स में छूट
- बौद्धिक सम्पदा के पंजीकरण के शुल्क में कमी, जैसे व्यापर चिन्ह पंजीकरण के शुल्क में 50% छूट|
- टेंडर की शर्तो में छूट आदि है
जिसे झाँसी के कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया



