क्या भारत के बाहर या विदेश में पेटेन्ट के लिए आवेदन जमा करने के लिए पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है?

व्यक्ति को निम्नलिखित परिस्थितियों में पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अपेक्षित हैः

क)आवेदन अनिवासी भारतीय हो और आविष्कार भारत में हुआ हो,

ख) आवेदक विदेश में पेटेंट-आवेदन जमा करने से पहले भारत में आवेदन करना नहीं चाहता हो,

ग) यदि आवेदक भारतीय नागरिक हो तो पेटेन्ट का आवेदन भारत में जमा कर दिया गया हो और उस तारीख से छह महीने का समय अभी व्यतीत न हुआ हो, तथा

घ) आविष्कार परमाणु ऊर्जा से अथवा रक्षा उद्देश्य से संबंधित हो।

पेटेंट आवेदक को पेटेंट कार्यालय की पूर्व अनुमति किन परिस्थितियों में लेना आवश्यक है?

आवेदक को निम्नलिखित परिस्थितियों में पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अपेक्षित हैः

क)आवेदन अनिवासी भारतीय हो और आविष्कार भारत में हुआ हो,

ख) आवेदक विदेश में पेटेंट-आवेदन जमा करने से पहले भारत में आवेदन करना नहीं चाहता हो,

ग) यदि आवेदक भारतीय नागरिक हो तो पेटेन्ट का आवेदन भारत में जमा कर दिया गया हो और उस तारीख से छह महीने का समय अभी व्यतीत न हुआ हो, तथा

घ) आविष्कार परमाणु ऊर्जा से अथवा रक्षा उद्देश्य से संबंधित हो

पेटेंट स्थगन के बाद पेटेन्ट को रिस्टोर कब किया जा सकता है?

पेटेन्ट के स्थगन के 18 महीने के भीतर उसके रिस्टोरेशन के लिए अनुरोध किया जा सकता है। सथा में निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। अनुरोध मिलने के बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए सरकारी जर्नल में अधिसूचित किया जाता है।

क्या पेटेन्ट आवेदक पेटेंट नवीकरण शुल्क एकमुश्त अदा कर सकता है या उसे यह शुल्क हर वर्ष ही देना होगा?

पेटेंट आवेदक के पास दोनो विकल्प होते है। वो रकम एक मुश्त भी जमा कर सकता है यवः हर साल भी जमा कर सकता है

पेटेन्ट मिलने के बाद पेटेन्ट करानेवाले को ओर क्या करना होता है?

पेटेन्ट मिलने के बाद हर पेटेन्ट करानेवाले को प्रत्येक वर्ष अनुसूची में निर्धारित नवीकरण शुल्क अदा करके पेटेन्ट कायम रखना होता है। पहले दो वर्ष तक कोई नवीकरण शुल्क नहीं होता। नवीकरण शुल्क तीसरे वर्ष और उसके पश्चात् देय होता है। नवीकरण शुल्क अदा नहीं करने पर पेटेन्ट स्थगित हो जाएगा।

पेटेन्ट आवेदन करने के लिए व्यक्तियों अथवा कंपनियों या संस्था द्वारा अदा किए जानेवाले शुल्क की राशि में क्या कोई अंतर है?

हां पेटेन्ट आवेदन करने के लिए व्यक्तियों अथवा विधिक सत्ताओं द्वारा अदा किए जानेवाले शुल्क की राशि में अंतर है।

अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हम से patent@siddhast.com पर संपर्क करें

पेटेन्ट कितने वर्ष तक के लिए मान्य होता है?

भारत में हर पेटेन्ट , पेटेन्ट आवेदन जमा करने की तारीख से 20 वर्ष तक के लिए मान्य होता है, चाहे वह अनन्तिम रूप से जमा किया गया हो या पूरे ब्यौरों के साथ। किन्तु पीसीटी के अंतर्गत जमा किए गए आवेदनों के मामले में 20 वर्ष की अवधि अंतरराष्ट्रीय आवेदन-तारीख से शुरू होती है।

किसी आविष्कार का पेटेंट हुआ या नहीं कैसे जाने ?

आविष्कार पेटेन्टे है या नहीं यह जानकारी पेटेन्ट कार्यालय की वेबसाइट पर भारतीय पेटेन्ट डाटा बेस में उपलभ्ध रहती है।

यह जानकारी पेटेन्ट कार्यालय द्वारा हर सप्ताह जारी जर्नल में अथवा पेटेन्ट कार्यालय के सर्च व रिफरेन्स रूम में रखे दस्तावेजों को देख कर भी पता लगाई जा सकती है।

आविष्कार किसी देश मे पेटेन्टे है या नहीं इसकी जानकारी हमारी कंपनी भी उपलभ्ध कराती है जिसका ।

क्या पेटेन्ट को वाणिज्यिक रूप से इस्तेमाल करना जरूरी होता है।

सभी देशों के अलग अलग पेटेंट कानून हैं । भारत मे यह कानून है पेटेन्ट को वाणिज्यिक रूप से इस्तेमाल करने की जानकारी पेटेंट कार्यालय को प्रतिवर्ष जमा करनी होती है ।
भारत का पेटेन्ट कार्यालय ऐसे पेटेन्टों की सूची जो कि वाणिज्यिक रूप से इस्तेमाल नहीं होते नियमित प्रकाशित करता है ।

क्या पेटेन्ट कार्यालय पेटेंटेड उत्पाद के ग्राहक ढूंढने में मदद करता ह क्याै ?

पेटेन्ट कार्यालय पेटेंटेड उत्पाद के ग्राहक ढूंढने में कोई मदद नही करता है। पेटेन्ट के वाणिज्यीकरण में पेटेन्ट कार्यालय की कोई भूमिका नहीं होती। किन्तु पेटेन्ट के संबंध में जानकारी पेटेन्ट कार्यालय के जर्नल में छापी जाती है और पेटेन्ट कार्यालय की वेबसाइट पर भी डाली जाती है, जो पूरी दुनिया में आम आदमी की पहुँच में है। इससे पेटेंट आवेदक को लाइसेन्स के भावी उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने में मदद मिलती है।