पेटेंट किन अविष्कारों के लिए दिया जाता है?

पेटेंट नए प्रक्रिया या उत्पाद आविष्कार को दिया जाता है, जो कि औद्योगिक उपयोजन (Industrial application) के योग्य हों।

अविष्कार नवीन एवं उपयोगी होने चाहिये । आविष्कार उस कला में निपुण व्यक्ति के लिए प्रत्यक्ष (Obvious) नही होना चाहिए।

आविष्कार को भारत के पेटेंट अधिनियम की धारा 3 के प्रकाश में भी देखा जाना चाहिये। यह धारा परिभाषित करती है कि क्या आविष्कार नहीं होते हैं। किसी बात को आविष्कार तब तक नहीं कहा जा सकता है जब तक वह नवीन न हो। यदि किसी बात का पूर्वानुमान किसी प्रकाशित दस्तावेज के द्वारा किया जा सकता था या पेटेंट आवेदन के प्रस्तुत करने के पूर्व विश्व में और कहीं प्रयोग किया जा सकता था तो इसे नवीन नहीं कहा जा सकता। यदि कोई बात सार्वजनिक क्षेत्र में है या पूर्व कला के भाग की तरह उपलब्ध है तो उसे भी आविष्कार नहीं कहा जा सकता। भारत देश में परमाणु उर्जा से सम्बन्धित आविष्कारों का पेटें‍ट नहीं कराया जा सकता है।

सरकार पेटेंट क्यो देती है?

अविष्कार की सही ओर प्रथम घोषणा (जानकारी) करने के एवज में सरकार निश्चित अवधि (20वर्ष) के लिए पेटेंट देते हैं।

एक तरफ राज्य(सरकार) को नए अविष्कार की जानकारी मिल जाती है व दूसरी तरफ पेटेंट धारक को निश्चित अवधि के लिए एक्सव अधिकार |

पेटेन्ट एजेन्ट से क्या तातपर्य है

पेटेन्ट एजेन्ट भारतीय पेटेन्ट कार्यालय में पंजीकृत व्यक्ति होता है, और पेटेन्ट कार्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसका नाम पेटेन्ट एजेन्ट रजिस्टर में दर्ज़ किया जाता है। वह निम्नलिखित के लिए पात्र होता है—

(a) नियंत्रक के यहाँ प्रैक्टिस करना और

(b)सभी दस्तावेज दैयार करना, समस्त कार्य एवं ऐसे प्रकार्य निष्पादित करना जो पेटेंट अधिनियम के अंतर्गत कंट्रोलर के यहाँ जारी प्रक्रिया के संबंध में निर्दिष्ट हों।

पेटेन्ट आवेदन के लिए पंजीकृत पेटेन्ट एजेन्ट की सेवाएँ लेना क्या जरूरी है?

नहीं। पेटेन्ट कानून के अंतर्गत पेटेन्ट के लिए आवेदन करने के लिए किसी पंजीकृत पेटेन्ट एजेन्ट की सेवाएँ लेना जरूरी नहीं है। आवेदक अपने-आप या पेटेन्ट एजेन्ट के माध्यम से आवेदन जमा करने के लिए स्वतंत्र है। किन्तु यदि कोई आवेदक भारत का नागरिक न हो तो उसे या तो पंजीकृत एजेन्ट के माध्यम से आवेदन जमा करना होता है या उसे तामील के लिए भारत का कोई पता देना होता है।

पेटेन्ट कार्यालय पेटेन्ट की खोज करने अथवा पेटेन्ट आवेदन तैयार करने में आवेदक की क्या मदद करता है?

नहीँ। पेटेन्ट कार्यालय पेटेन्ट की खोज करने अथवा पेटेन्ट आवेदन तैयार करने में आवेदक की कोई मदद नही करता है

आवेदक आवेदन तैयार करने के लिए पेटेंट एजेंट की मदद ले सकता है या आवेदक पटेंट आवेदन जमा करने की विधि पेटेंट आफिस की वेबसाइट से देख सकता है।

पेटेन्ट कार्यालय पेटेन्ट एजेन्ट के चयन के लिए कोई संस्तुति नहीं करता। किन्तु आवेदक को स्वतंत्रता रहती है कि वह कार्यालय द्वारा तैयार की गई पेटेन्ट एजेंटों की सूची में से कोई भी पेटेन्ट एजेन्ट नियुक्त कर ले। यह सूची पेटेन्ट कार्यालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

पेटेन्ट एजेन्टों द्वारा अपनी सेवाओं के लिए वसूले गए शुल्क का पता क्या पेटेन्ट कार्यालय को होता है?

नहीं। यह आवेदक और पेटेन्ट एजेन्ट के बीच का मामला है। पेटेन्ट एजेन्ट जो शुल्क लेता है उसका पता पेटेन्ट कार्यालय को नहीं होता है।.

पेटेंट किस चीज का हो सकता है ?

नया अविष्कार चाहे वो कोई उत्पाद हो या वो कोई नई परिक्रिया हो उसका पटेंट हो सकता है । हर देश मे पेटेंट कराने के मापदण्ड अलग अलग है। जैसे भारत मे सॉफ्टवेयर को पेटेंट नही करसकते।

किसी आविष्कार को पेटेंटयोग्य सामग्री होने के लिए निम्नलिखित मानदंड पूरे करने चाहिए

i) यह नवीन होना चाहिए

ii) इसमें आविष्कारी चरण होना चाहिए अथवा यह नॉन-ओबियस होना चाहिए।

iii) उसमें इतनी क्षमता होनी चाहिए कि उसका औद्योगिक अनुप्रयोग हो सके।

iv) यह पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 3 और 4 के प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आना चाहिए।

क्या भारत के बाहर या विदेश में पेटेन्ट के लिए आवेदन जमा करने के लिए पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है?

व्यक्ति को निम्नलिखित परिस्थितियों में पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अपेक्षित हैः

क)आवेदन अनिवासी भारतीय हो और आविष्कार भारत में हुआ हो,

ख) आवेदक विदेश में पेटेंट-आवेदन जमा करने से पहले भारत में आवेदन करना नहीं चाहता हो,

ग) यदि आवेदक भारतीय नागरिक हो तो पेटेन्ट का आवेदन भारत में जमा कर दिया गया हो और उस तारीख से छह महीने का समय अभी व्यतीत न हुआ हो, तथा

घ) आविष्कार परमाणु ऊर्जा से अथवा रक्षा उद्देश्य से संबंधित हो।

पेटेंट आवेदक को पेटेंट कार्यालय की पूर्व अनुमति किन परिस्थितियों में लेना आवश्यक है?

आवेदक को निम्नलिखित परिस्थितियों में पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अपेक्षित हैः

क)आवेदन अनिवासी भारतीय हो और आविष्कार भारत में हुआ हो,

ख) आवेदक विदेश में पेटेंट-आवेदन जमा करने से पहले भारत में आवेदन करना नहीं चाहता हो,

ग) यदि आवेदक भारतीय नागरिक हो तो पेटेन्ट का आवेदन भारत में जमा कर दिया गया हो और उस तारीख से छह महीने का समय अभी व्यतीत न हुआ हो, तथा

घ) आविष्कार परमाणु ऊर्जा से अथवा रक्षा उद्देश्य से संबंधित हो

पेटेंट स्थगन के बाद पेटेन्ट को रिस्टोर कब किया जा सकता है?

पेटेन्ट के स्थगन के 18 महीने के भीतर उसके रिस्टोरेशन के लिए अनुरोध किया जा सकता है। सथा में निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। अनुरोध मिलने के बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए सरकारी जर्नल में अधिसूचित किया जाता है।