पेटेन्ट कार्यालय पेटेन्ट की खोज करने अथवा पेटेन्ट आवेदन तैयार करने में आवेदक की क्या मदद करता है?

नहीँ। पेटेन्ट कार्यालय पेटेन्ट की खोज करने अथवा पेटेन्ट आवेदन तैयार करने में आवेदक की कोई मदद नही करता है

आवेदक आवेदन तैयार करने के लिए पेटेंट एजेंट की मदद ले सकता है या आवेदक पटेंट आवेदन जमा करने की विधि पेटेंट आफिस की वेबसाइट से देख सकता है।

पेटेन्ट कार्यालय पेटेन्ट एजेन्ट के चयन के लिए कोई संस्तुति नहीं करता। किन्तु आवेदक को स्वतंत्रता रहती है कि वह कार्यालय द्वारा तैयार की गई पेटेन्ट एजेंटों की सूची में से कोई भी पेटेन्ट एजेन्ट नियुक्त कर ले। यह सूची पेटेन्ट कार्यालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

पेटेन्ट एजेन्टों द्वारा अपनी सेवाओं के लिए वसूले गए शुल्क का पता क्या पेटेन्ट कार्यालय को होता है?

नहीं। यह आवेदक और पेटेन्ट एजेन्ट के बीच का मामला है। पेटेन्ट एजेन्ट जो शुल्क लेता है उसका पता पेटेन्ट कार्यालय को नहीं होता है।.

पेटेंट किस चीज का हो सकता है ?

नया अविष्कार चाहे वो कोई उत्पाद हो या वो कोई नई परिक्रिया हो उसका पटेंट हो सकता है । हर देश मे पेटेंट कराने के मापदण्ड अलग अलग है। जैसे भारत मे सॉफ्टवेयर को पेटेंट नही करसकते।

किसी आविष्कार को पेटेंटयोग्य सामग्री होने के लिए निम्नलिखित मानदंड पूरे करने चाहिए

i) यह नवीन होना चाहिए

ii) इसमें आविष्कारी चरण होना चाहिए अथवा यह नॉन-ओबियस होना चाहिए।

iii) उसमें इतनी क्षमता होनी चाहिए कि उसका औद्योगिक अनुप्रयोग हो सके।

iv) यह पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 3 और 4 के प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आना चाहिए।

क्या भारत के बाहर या विदेश में पेटेन्ट के लिए आवेदन जमा करने के लिए पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है?

व्यक्ति को निम्नलिखित परिस्थितियों में पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अपेक्षित हैः

क)आवेदन अनिवासी भारतीय हो और आविष्कार भारत में हुआ हो,

ख) आवेदक विदेश में पेटेंट-आवेदन जमा करने से पहले भारत में आवेदन करना नहीं चाहता हो,

ग) यदि आवेदक भारतीय नागरिक हो तो पेटेन्ट का आवेदन भारत में जमा कर दिया गया हो और उस तारीख से छह महीने का समय अभी व्यतीत न हुआ हो, तथा

घ) आविष्कार परमाणु ऊर्जा से अथवा रक्षा उद्देश्य से संबंधित हो।

पेटेंट आवेदक को पेटेंट कार्यालय की पूर्व अनुमति किन परिस्थितियों में लेना आवश्यक है?

आवेदक को निम्नलिखित परिस्थितियों में पेटेन्ट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अपेक्षित हैः

क)आवेदन अनिवासी भारतीय हो और आविष्कार भारत में हुआ हो,

ख) आवेदक विदेश में पेटेंट-आवेदन जमा करने से पहले भारत में आवेदन करना नहीं चाहता हो,

ग) यदि आवेदक भारतीय नागरिक हो तो पेटेन्ट का आवेदन भारत में जमा कर दिया गया हो और उस तारीख से छह महीने का समय अभी व्यतीत न हुआ हो, तथा

घ) आविष्कार परमाणु ऊर्जा से अथवा रक्षा उद्देश्य से संबंधित हो

पेटेंट स्थगन के बाद पेटेन्ट को रिस्टोर कब किया जा सकता है?

पेटेन्ट के स्थगन के 18 महीने के भीतर उसके रिस्टोरेशन के लिए अनुरोध किया जा सकता है। सथा में निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। अनुरोध मिलने के बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए सरकारी जर्नल में अधिसूचित किया जाता है।

क्या पेटेन्ट आवेदक पेटेंट नवीकरण शुल्क एकमुश्त अदा कर सकता है या उसे यह शुल्क हर वर्ष ही देना होगा?

पेटेंट आवेदक के पास दोनो विकल्प होते है। वो रकम एक मुश्त भी जमा कर सकता है यवः हर साल भी जमा कर सकता है

पेटेन्ट मिलने के बाद पेटेन्ट करानेवाले को ओर क्या करना होता है?

पेटेन्ट मिलने के बाद हर पेटेन्ट करानेवाले को प्रत्येक वर्ष अनुसूची में निर्धारित नवीकरण शुल्क अदा करके पेटेन्ट कायम रखना होता है। पहले दो वर्ष तक कोई नवीकरण शुल्क नहीं होता। नवीकरण शुल्क तीसरे वर्ष और उसके पश्चात् देय होता है। नवीकरण शुल्क अदा नहीं करने पर पेटेन्ट स्थगित हो जाएगा।

पेटेन्ट आवेदन करने के लिए व्यक्तियों अथवा कंपनियों या संस्था द्वारा अदा किए जानेवाले शुल्क की राशि में क्या कोई अंतर है?

हां पेटेन्ट आवेदन करने के लिए व्यक्तियों अथवा विधिक सत्ताओं द्वारा अदा किए जानेवाले शुल्क की राशि में अंतर है।

अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हम से patent@siddhast.com पर संपर्क करें